हमारे बारे में

सरवाइवर्स अगेंस्ट टीबी क्या है?

“सरवाइवर्स अगेंस्ट टीबी” एक समुदाय आधारित अभियान है, जिसका नेतृत्व ऐसे लोग कर रहे हैं, जो टीबी के खिलाफ भारत की लड़ाई को मज़बूत बनाने का काम कर रहे हैं। ये ऐसे लोग हैं, जिनको कभी ना कभी टीबी हुआ और उन्होंने इसे पराजित किया है। इन्होंने टीबी की सबसे कठिनतम और पीड़ादायक स्थितियों का सामना किया है। उन सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों को समझा है, जिनसे एक टीबी पीड़ित व्यक्ति को गुज़रना पड़ता है। अपने इन्हीं अनुभवों के आधार पर, ये लोग भारत में टीबी उपचार के लिए प्रमुख संबंधित विभागों के समक्ष ऐसे बदलाव की सिफारिश करते हैं, जो अपेक्षाकृत, रोग केंद्रित और आसान हैं। यह मानना है कि अगर भारत को व्यापक स्तर पर टीबी का समाधान करना है, तो इसकी शुरुआत टीबी से ठीक हुए लोगों के अनुभवों को जानकर, और इन्हें अभियान में शामिल करके हो सकता है। नीतियां बनाने में इनके सुझाव सबसे अधिक प्रभावशाली हो सकते हैं।  

टीबी से जीतने वालों के नेतृत्व मेंही अभियान क्यो?

टीबी से जीत चुके ये लोग, इस बीमारी के सबसे अधिक पीड़ादायक दौर से गुजर चुके हैं, और इसे समझते भी हैं। इन्हें, टीबी से ठीक हुए अन्य लोगों के साथ काम करने का अतिरिक्त अनुभव है और ये भी पता है कि टीबी रोगी किस तरह से डॉक्टर, स्वास्थ्य प्रणालियों, परिवार और समाज में बर्ताव करते हैं।

सरवाइवर्स अगेन्सट टीबी क्या मदद कर सकता है?

हमारा पूरा विश्वास है कि टीबी के इलाज के लिए जांच और इलाज से अधिक परामर्श, सामाजिक, आर्थिक और परिवारिक सहायता की जरूरत होती है। टीबी को मात देने के लिए सिर्फ क्लिनिक आधारित इलाज के उदाहरण भारत में असफल साबित हुए हैं। इस असफलता का कारण यहां मौजूद अनिश्चितताएं और कमज़ोरियां हैं और इसलिए टीबी के प्रसार को बढ़ावा मिला है।

हमने क्या किया है?

अपने अभियान के तहत हमने ऐसे सुझावों की सूची तैयार की है, जिन्हें हम टीबी की राष्ट्रीय योजना (2017-21) में शामिल करने की पुरज़ोर वकालत कर रहे हैं। यह सुझाव कुछ लक्षित मुद्दों पर आधारित हैं तथा बिमारी के विशिष्ट पहलूओं पर केंद्रित हैं। इनमें रोकथाम एवं जागरूकता से लेकर पोषण तथा आर्थिक सहायता का समावेश है। यह सुझाव सभी संबंधित मुख्य विभागों, अधिकारियों व नीति निर्धारकों को भेजे गए हैं, ताकि उन्हें टीबी रोगी की जरूरतों को समझने में आसानी हो सके।